Monday, December 2, 2019

Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral

मोरल स्टोरीज इन हिंदी (Moral Stories in Hindi) में आपका स्वागत है। दोस्तों, आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है Hathi Ki Mitrata यह एक Hindi Moral Story का कहानी है....आशा करता हूं कि आपको बेहद पसंद आयेगा। तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी Hathi Ki Mitrata 
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral 
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral: हाथी की मित्रता बहुत पुरानी बात है एक जंगल में एक हाथी किसी मित्र की तलाश में इधर-उधर घूम रहा था उसे पेड़ पर एक बंदर दिखाई दिया | हाथी बोला बंदर भाई , क्या तुम मेरे मित्र बनोगे ? बंदर बोला आप तो बहुत बड़े हैं आप मेरी तरह एक पेड़ पर झूल भी नहीं सकते तो फिर आपकी मेरी दोस्ती कैसी अगले दिन उसकी मुलाकात एक खरगोश से हुई क्यूँ , खरगोश जी क्या तुम मेरे मित्र बनना पसंद करोगे ?

आप तो बहुत बड़े हैं आप मेरे बाड़े में घुस भी नहीं सकेंगे मेरी आपकी दोस्ती मुमकिन नहीं हाथी अब मेंढक के पास पहुंचा मेरा कोई मित्र नहीं है मेंढक मित्र , तुम अगर मुझे अपना दोस्त बना लो तो तुम्हारी बड़ी कृपा होगी अरे वाह , मान न मान मैं तेरा मेहमान तुम इतने बड़े और मैं इतना छोटा कुछ तो सोचो |  
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral 
यह बेमेल की दोस्ती नहीं हो सकती ? फिर तुम मेरी तरह फुदक भी तो नहीं सकते जाओ भाई , कहीं और अपनी दाल गलाओ अचानक हाथी को एक लोमड़ी दिखाई दी उसने उसे रोका और पूछा लोमड़ी सुनो क्या तुम मुझे अपना मित्र बनाना पसंद करोगी ? 
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral 
देखो , ना मत कहना मैं बड़ी उम्मीद से तुम्हारे पास आया हूँ बोलो |  बनोगी न तुम मेरी मित्र |  न बाबा न , अपना साईज़ तो देखो गलती से मैं तुम्हारे पाँव के नीचे आ गई तो मेरी तो चटनी बन जाएगी न बाबा न , कोई और घर देखो कमाल है कोई मुझे अपना मित्र ही नहीं बनाना चाहता अगले दिन हाथी ने देखा कि जंगल के सभी जानवर बहुत तेज़ी से भाग रहे थे | 
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral 
उसने लोमड़ी से पूछा क्या हुआ ? क्यों ऐसे भाग रहे हो ? हाथी दादा , पीछे शेर है और वह हम सबको मारकर खा जाना चाहता है तभी सभी जानवर अपनी अपनी जान बचा कर कहीं छुप जाना चाहते हैं शेर तो जानवरों के पीछे हाथ धोकर पड़ा था हाथी ने शेर से कहा श्रीमान क्यों व्यर्थ में इन सबकी जान के पीछे पड़े हो |  सारे जानवरों को क्या एक ही दिन में मार दोगे | 
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral
Hathi Ki Mitrata - Hindi Story For Children With Moral 
 जा जा , अपना रास्ता देख तुझे क्या , जो मेरा दिल करेगा , करूंगा हाथी को समझ आ गया कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते उसने शेर को जोर से एक लात मारी और शेर के होश ठिकाने आ गए और वह डर कर भाग गया हाथी ने सबको जब यह खुशखबरी सुनाई तो सबकी खुशी का ठिकाना न रहा सभी ने हाथी को धन्यवाद दिया और कहा हमारा मित्र बनने के लिए सचमुच तुम्हारा साईज़ बिलकुल ठीक है मित्र वो जो मुसीबत में काम आए |


तो दोस्तों "Hathi Ki Mitrata " Hindi Moral Story आपको कैसा लगा? निचे कमेन्ट बॉक्स में आपके बिचार जरूर लिखके हमें बताये
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