जो हुआ अच्छा हुआ | Jo Hua Achcha Hua | Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Story In Hindi

मोरल स्टोरीज इन हिंदी (Moral Stories in Hindi) में आपका स्वागत है। दोस्तों, आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं उसका नाम है जो हुआ अच्छा हुआ - Jo Hua Achcha Hua  यह एक Panchtantra Ki Kahaniya का कहानी है....आशा करता हूं कि आपको बेहद पसंद आयेगा। तो चलिए शुरू करते है आजका कहानी जो हुआ अच्छा हुआ - Jo Hua Achcha Hua

जो हुआ अच्छा हुआ | Jo Hua Achcha Hua | Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Story In Hindi

जो हुआ अच्छा हुआ | Jo Hua Achcha Hua | Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Story In Hindi

जो हुआ अच्छा हुआ | Jo Hua Achcha Hua | Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Story In Hindi: जो हुआ अच्छा हुआ। कहीं किसी देश के एक राजा का वजीर हमेशा यही कहता रहता था, जो हुआ अच्छा हुआ। एक दिन जब उसके बेटे की टांग किसी दुर्घटना में चोटिल हो गई। तो भी यकायक उसके मुंह से फिर निकला जो हुआ अच्छा हुआ।


तुम भी क्या बोलते रहते हो ? इसमें भला क्या अच्छा हुआ ? महाराज आप ही देखिए अब मेरे बेटे को सारी जिंदगी एक ही जूते की जरूरत रहेगी। जूतों का सारी जिंदगी के लिए खर्चा आधा हो गया जो हुआ अच्छा हुआ। राजा निरुत्तर हो गया। परंतु जब एक दिन राजा तलवारबाजी का अभ्यास कर रहा था। 

तो अचानक उसकी एक उंगली कट गई।  उंगली से खून टपटप बहने लगा! अ  मां ... अ. परमात्मा ... हाय ! उसका हाल बेहाल था। वह दर्द से छटपटा रहा था। कि तभी वहां खड़े वजीर के मुंह से अपने आप निकल गया, जो हुआ अच्छा हुआ। 

जो हुआ अच्छा हुआ | Jo Hua Achcha Hua | Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Story In Hindi

अब तो राजा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था! उसने हुक्म सुनाया इस बेवकूफ वजीर को कारागार में डाल दिया जाए ! और फिर वजीर को कारागार में बंद कर दिया गया। बस कमी थी तो बस उसी वजीर की एक दिन राजा जंगल में शिकार करने के लिए निकला, तो रास्ता भटक गया। उसे जंगल में ही डाकुओं ने अगवा कर लिया। वे डाकू अपने देवता को खुश करने के लिए उसकी बलि देना चाहते थे। 

वे राजा को अपने पुजारी के पास ले गए। जब उसकी बलि देने के लिए तलवार उठाई गई। तो अचानक किसी की नज़र राजा की कटी हुई उंगली की तरफ आन पड़ी! वह बोला सरदार , यह हम क्या कर रहे हैं ? यह मानव संपूर्ण नहीं है।  

जो हुआ अच्छा हुआ | Jo Hua Achcha Hua | Panchtantra Ki Kahaniya In Hindi | Story In Hindi

इसकी तो एक उंगली कटी हुई है, बलि देने के लिए तो पूर्ण व्यक्ति की जरूरत होती है। इसलिए राजा को छोड़ दिया गया। वह वजीर के पास पहुंचा और वजीर को छोड़ दिया। और फिर राजा ने उसे बताया कि उसके साथ क्या घटा था। राजा ने वजीर को उसे कारागार में डालने के लिए क्षमा मांगी। वजीर बोला मैंने तो आपको कहा ही था जो हुआ अच्छा हुआ! जो होता है , अच्छे के लिए ही होता है।

मेरी बात तो ठीक है, परंतु तुम्हारे साथ तो ज्यादती हो गई। नहीं महाराज, अच्छा हुआ आपने मुझे कारागार में डाल दिया। यदि आप ऐसा न करते तो शिकार के वक्त मैं आपके साथ होता। डाकू आपको तो छोड़ देते ! परंतु मेरी तो बलि चढ़ जाती। इसलिए जो हुआ अच्छा हुआ।  हां , तुम ठीक ही कहते हो। 

शिक्षा : जो होता है भले के लिए ही होता है

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